UP Election 2027: यूपी चुनाव से पहले आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी, मायावती ने बनाया खास प्लान

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी सियासी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी एक बार फिर आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है। बसपा प्रमुख मायावती का भरोसा मिलने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी वापस मिलने के बाद आकाश आनंद की सक्रियता बढ़ने वाली है। पार्टी की कोशिश है कि उनके जरिए युवाओं और दूसरे वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की जाए और पुराने जनाधार को दोबारा जोड़ा जाए। आकाश आनंद की यूपी में जनसभाएं बताते चले कि, आकाश आनंद की उत्तर

UP Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

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UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी सियासी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी एक बार फिर आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है। बसपा प्रमुख मायावती का भरोसा मिलने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी वापस मिलने के बाद आकाश आनंद की सक्रियता बढ़ने वाली है। पार्टी की कोशिश है कि उनके जरिए युवाओं और दूसरे वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की जाए और पुराने जनाधार को दोबारा जोड़ा जाए।

आकाश आनंद की यूपी में जनसभाएं

बताते चले कि, आकाश आनंद की उत्तर प्रदेश में होने वाली जनसभाओं का कार्यक्रम सामने आया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वह 28 अक्टूबर को बुलंदशहर के अनूपशहर से अपनी चुनावी सभाओं की शुरुआत करेंगे। यहां बसपा की ओर से बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को सहारनपुर के नकुड़, 20 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर के बिल्हौर में जनसभाएं प्रस्तावित हैं।

आकाश आनंद की यूपी में जनसभाएं

इन रैलियों के जरिए बसपा प्रदेश में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश करेगी। पार्टी चाहती है कि आकाश आनंद की सभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हो और जनता के बीच संगठन को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा कई विधानसभा क्षेत्रों के बसपा नेता भी अपने यहां आकाश आनंद की रैली कराने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उनके कार्यक्रमों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

पंजाब और उत्तराखंड में भी आकाश आनंद को मिली जिम्मेदारी

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ आकाश आनंद को पंजाब और उत्तराखंड में भी पार्टी को मजबूत करने का जिम्मा दिया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, वह 26 नवंबर को पंजाब में और 6 दिसंबर को हरिद्वार में जनसभा करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा तीनों राज्यों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश करेगी।

आकाश आनंद को पार्टी के युवा समर्थकों के बीच एक प्रभावशाली चेहरे के तौर पर देखा जाता है। उनके भाषण देने का आक्रामक अंदाज युवाओं को आकर्षित करता है। बसपा को उम्मीद है कि उनकी सक्रियता से कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और पार्टी को आगामी चुनावों में इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, इन रैलियों का असर कितना होगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।

मायावती और आकाश आनंद के बीच कई बार बदले सियासी समीकरण

आकाश आनंद का बसपा में राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। मायावती ने दिसंबर 2023 में उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के साथ पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया था। हालांकि, मई 2024 में एक रैली के दौरान बीजेपी को लेकर दिए गए उनके आक्रामक बयान के बाद उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी।

मायावती और आकाश आनंद के बीच कई बार बदले सियासी समीकरण

इसके बाद जून 2023 में उनकी पार्टी में वापसी का जिक्र सामने आया है, हालांकि यह तारीख घटनाक्रम के हिसाब से स्पष्ट नहीं है। 4 मार्च 2025 को उन्हें फिर से सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया और 13 अप्रैल 2025 को उनकी दोबारा वापसी हुई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आकाश आनंद की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर लगातार चर्चा होती रही।

आकाश आनंद की वापसी से बसपा को कितनी मजबूती मिलेगी?

9 सितंबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद 5 अक्टूबर को उनकी तीसरी बार वापसी हुई और उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब मायावती ने उन्हें उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में जनसभाओं की जिम्मेदारी देकर एक बार फिर भरोसा जताया है।

आने वाले दो महीनों में आकाश आनंद की रैलियां बसपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहेंगी। अब देखना होगा कि उनकी सभाएं पार्टी के पुराने समर्थकों को कितना जोड़ पाती हैं और युवाओं के बीच बसपा की पकड़ कितनी मजबूत होती है। आगामी चुनावों से पहले आकाश आनंद की यह सक्रियता पार्टी के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।