
UP Election 2027: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में वापसी और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद आकाश आनंद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने प्रचार अभियान तेज करने की रणनीति बनाई है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आकाश आनंद आने वाले दिनों में आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ में जनसभाएं कर सकते हैं। इन सभाओं में वे पार्टी के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर सकते हैं। हालांकि, अभी जनसभाओं की तारीख तय नहीं हुई है।
आकाश आनंद फिर करेंगे BSP का प्रचार

बताते चले कि, आकाश आनंद को 5 अक्टूबर को बीएसपी में वापस लिया गया था और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी भी दी गई। इसके साथ ही उन्हें पहले मिली राजनीतिक जिम्मेदारियां और अधिकार फिर से सौंप दिए गए। अब उनका ध्यान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनसभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अपने उम्मीदवारों को जनता के सामने पेश करने और चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ में BSP की जनसभाओं की तैयारी
बीएसपी की योजना के मुताबिक, आकाश आनंद आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कर सकते हैं। इन कार्यक्रमों में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा भी की जा सकती है। आगरा को लेकर पार्टी की खास तैयारी बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जिले की कई विधानसभा सीटों के लिए दावेदारों के नामों पर विचार किया जा चुका है। हालांकि, उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा होने तक इन नामों को अंतिम नहीं माना जा सकता।
निष्कासन के बाद आकाश आनंद की BSP में कैसे हुई वापसी?
आकाश आनंद इससे पहले भी चुनावी प्रचार में सक्रिय थे। उन्होंने 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद विधानसभा सीट से प्रचार अभियान शुरू किया था। इसके बाद 25 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट पर जनसभा की थी। हालांकि, 10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद और उनके ससुर, पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके चलते उनका प्रचार अभियान रुक गया। बाद में आकाश आनंद की पार्टी में वापसी हुई और उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई।
मायावती के उत्तराधिकारी होंगे आकाश आनंद?
आकाश आनंद को 2019 में बीएसपी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था। 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। आकाश आनंद की पार्टी में वापसी और उन्हें फिर से जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा तेज है। लेकिन क्या उन्हें दोबारा मायावती का उत्तराधिकारी बनाया जाएगा, इस पर अभी कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है।
आगरा में BSP उम्मीदवारों के ऐलान की तैयारी

आगरा जिले में बीएसपी की चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद समेत कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। नवंबर तक जिले की चार सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी की बात कही जा रही है। बीएसपी ने 16 सितंबर को खेरागढ़ विधानसभा सीट से नीरज रावत को उम्मीदवार घोषित किया था। उस कार्यक्रम में आकाश आनंद मौजूद नहीं थे, क्योंकि उस समय उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था। अब उनकी वापसी के बाद पार्टी के प्रचार अभियान में उनकी भूमिका पर नजर है।
आगरा में BSP का पुराना प्रदर्शन
आगरा जिले में बीएसपी का पहले मजबूत प्रदर्शन रहा है। पार्टी ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में जिले की नौ सीटों में से छह पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2017 और 2022 के चुनावों में पार्टी यहां कोई सीट नहीं जीत सकी। सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी आगरा उत्तर, आगरा दक्षिण, आगरा ग्रामीण, आगरा छावनी और बाह समेत कई सीटों पर दावेदारों की सूची तैयार कर चुकी है। पार्टी की कोशिश दलित, सवर्ण और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच अपना समर्थन बढ़ाने की है।
BSP ने 100 उम्मीदवार किए घोषित
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी अब तक करीब 100 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। नवंबर तक 250 उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी की भी चर्चा है। हालांकि, इन आंकड़ों और आगामी घोषणाओं की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। अब सवाल यह है कि आकाश आनंद की वापसी और जनसभाओं के जरिए बीएसपी उत्तर प्रदेश में अपना पुराना जनाधार कितना मजबूत कर पाती है। आगरा समेत दूसरे जिलों में उम्मीदवारों की घोषणा और पार्टी का प्रचार अभियान आने वाले चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।











