Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और राकांपा (NCP) अध्यक्ष अजित पवार का गुरुवार को बारामती में अंतिम संस्कार किया गया। विमान दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद, विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में हजारों समर्थकों और देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
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राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

बताते चले कि, बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में गुरुवार को एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब महाराष्ट्र के लाडले नेता अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके बेटों, पार्थ और जय पवार ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा बारामती “अजित दादा अमर रहे” के नारों से गूंज उठा। प्रशासन द्वारा उन्हें पूरे राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ विदाई दी गई, जिसमें पुलिस बल ने उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
गृह मंत्री अमित शाह और CM फडणवीस समेत कई बड़े नेता हुए शामिल
आपको बता दे कि, दादा के अंतिम संस्कार में भारतीय राजनीति के कई दिग्गज शामिल हुए। श्रद्धांजलि देने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे प्रमुख रहे। इसके अलावा विपक्षी एकता की झलक भी दिखी, जहाँ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं ने भी राजनीति से ऊपर उठकर उन्हें नमन किया। इन प्रमुख राजनेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अजित पवार का व्यक्तित्व दलगत राजनीति से बहुत ऊपर था।
ब्लैक बॉक्स से खुलेगा 16 साल पुराने चार्टर्ड विमान का राज
बताते चले कि, बुधवार को हुई इस दुखद विमान दुर्घटना के कारणों की जांच तेज हो गई है। बारामती हवाई अड्डे के रनवे से मात्र 200 मीटर पहले क्रैश हुए ‘लियरजेट’ विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद कर लिया गया है। विशेषज्ञों की टीम अब इस डेटा का विश्लेषण करेगी ताकि तकनीकी खराबी या मानवीय भूल का पता चल सके। यह विमान ‘वीएसआर वेंचर्स’ द्वारा संचालित था और लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान हादसे का शिकार हो गया।
कैप्टन सुमित कपूर और अन्य ने भी गंवानी जान
इस हादसे में केवल अजित पवार ही नहीं, बल्कि अनुभवी विमान चालक दल (Experienced Flight Crew) के चार अन्य सदस्यों ने भी अपनी जान गंवाई। 15,000 घंटे का विशाल अनुभव रखने वाले कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट शांभवी पाठक, पीएसओ विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली भी इस दुर्घटना का शिकार हुए। अजित पवार जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार और NCP के सामने बड़ा खालीपन

66 वर्षीय अजित पवार का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) के लिए भी एक बड़ा आघात है। छह बार उपमुख्यमंत्री रहे पवार का मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया। उनके जाने से महायुति गठबंधन और उनकी पार्टी NCP के भविष्य पर सवालिया निशान लग गए हैं। उनके चाचा और संरक्षक शरद पवार ने इस घटना को एक दुखद दुर्घटना बताते हुए अपील की है कि इसे राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए।









