मध्यप्रदेश से बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी, 17 शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की योजना; 8 इंटरनेशनल उड़ानें भी प्रस्तावित

भोपाल सरकार देश-विदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है तो दूसरी ओर नई उड़ानें के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में एविएशन डायरेक्टोरेट ने फ़्लाइट ऑपरेटर कंपनियों से देश के 17 शहरों और विदेश के 8 स्थानों के लिए वायु सेवा शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें घरेलू में केरल, तिरुपति, अंडमान तो अंतरराष्ट्रीय में सिंगापुर, कुवालालंपुर मलेशिया, बैंकॉक थाइलैंड के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एक साल में चौथी बार यह कवायद की जा रही है।

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Published On :

सितम्बर 3, 2026

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भोपाल
सरकार देश-विदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है तो दूसरी ओर नई उड़ानें के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में एविएशन डायरेक्टोरेट ने फ़्लाइट ऑपरेटर कंपनियों से देश के 17 शहरों और विदेश के 8 स्थानों के लिए वायु सेवा शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें घरेलू में केरल, तिरुपति, अंडमान तो अंतरराष्ट्रीय में सिंगापुर, कुवालालंपुर मलेशिया, बैंकॉक थाइलैंड के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एक साल में चौथी बार यह कवायद की जा रही है। ऑपरेटर्स को उनके मार्केट असेसमेंट, ऑपरेशनल और कमर्शियल व्यवहार्यता के आधार पर घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय सेक्टर के नए रूट की पहचान करने व उनका प्रस्ताव देने की छूट भी दी है। जिन जगहों से नई फ़्लाइट चालू होंगी उनमें भोपाल भी शामिल है। यहां के राजा भोज एयरपोर्ट से कई इंटरनेशनल फ़्लाइट के लिए कोशिश की जा रही है।

सरकार ऑपरेटर्स को मप्र सिविल एविएशन पॉलिसी 2025 के तहत एक हजार प्रति किलोमीटर का इंसेंटिव भी देगी। एविएशन डायरेक्टोरेट ने विमानन कंपनियों से इसके लिए 15 सितंबर तक प्रस्ताव मांगे हैं।

प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां और देशी- विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जीआइएस के आयोजन से भी इसमें तेजी आई है। इसलिए मध्य प्रदेश को भारत और विदेशों के प्रमुख आर्थिक और पर्यटन केंद्रों से जोडऩे की ज़रूरत महसूस करते हुए सरकार अब राज्य के एयरपोट्र्स की कनेक्टिविटी को अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्थलों से जोडऩे पर काम कर रही है। इस पहल से बिजऩेस के लिए यात्रा करने वालों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही तेज़ होगी।

अभी प्रदेश में आठ कमर्शियल एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सतना, खजुराहो और दतिया में हैं। इसके साथ 20 एयर स्ट्रिप भी हैं। नए प्रस्ताव में ऑपरेटर को घरेलू उड़ानों के लिए कम से कम 50 या उससे अधिक सीटों और अंतरराष्ट्रीय स्थलों के लिए कम से कम 180 या उससे अधिक सीटों वाले विमानों का संचालन करना होगा।

सरकार देगी इंसेंटिव और वीजीएफ
प्रदेश से नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने वाले ऑपरेटर्स को सरकार इंसेंटिव और वायबिलिटी गैप फंडिंग करेगी। घरेलू उड़ानों के लिए 750 किमी तक की उड़ान के लिए प्रति किमी 1 हजार और अधिकतम 7.5 लाख तक दिया जाएगा। 750 किमी से अधिक दूरी के लिए यह राशि अधिकतम 10 लाख तक होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1000 किमी तक 1 हजार प्रति किमी और अधिकतम 10 लाख प्रति राउंड ट्रिप और 1 हजार किमी से अधिक के लिए अधिकतम 15 लाख तक इंसेंटिव और वीजीएफ का भुगतान किया जाएगा।

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सरकारी सहायता 6 महीने के लिए दी जाएगी, हालांकि परफॉर्मेंस के आधार पर सरकार इसे 6 माह और बढ़ाने पर भी विचार कर सकेगी। किसी नए घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन को जोडऩे वाले शेड्यूल्ड ऑपरेटर को राउंड ट्रिप के 'वन-वे स्टेज-लेंथ' के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। राउंड ट्रिप पूरी करने पर भी यह इंसेंटिव दिया जाएगा।

मप्र से इन 17 घरेलू उड़ानों का प्रस्ताव
रायपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना, जम्मू, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, गोवा, भुवनेश्वर, बागडोगरा पश्चिम बंगाल, कोच्चि या त्रिवेंद्रम केरल, तिरुपति आंध्रप्रदेश, पोर्ट ब्लेयर अंडमान और निकोबार आयरलैंड, रांची, अमृतसर, चंडीगढ़।

8 स्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रस्ताव:

सिंगापुर, कुवालालंपुर मलेशिया, बैंकॉक थाइलैंड, दोहा कतर, यूएई में जेद्दा, अबू धाबी, दुबई, शारजाह।