AIMIM News: हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जामई पर बेहद संगीन आरोप लगे हैं, जिसके बाद वे एक बड़े कानूनी भंवर में फंसते नजर आ रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में हुई दर्दनाक हत्याओं के पीड़ितों के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए लाखों रुपयों का अवैध चंदा इकट्ठा किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस इमोशनल अपील के जरिए जुटाई गई भारी-भरकम राशि में से पीड़ित परिवारों तक कथित तौर पर फूटी कौड़ी भी नहीं पहुंची। यह पूरा सनसनीखेज मामला अब दिल्ली पुलिस की चौखट तक पहुंच गया है और दो अलग-अलग परिवारों ने इस संबंध में गंभीर आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई हैं।
शोएब जामई पर चंदा हड़पने का आरोप
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जामई के खिलाफ इस पूरे विवाद की पटकथा 7 मार्च को चांदनी चौक इलाके में हुई एक स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद अरीब की नृशंस हत्या के बाद लिखी गई। इस दर्दनाक वारदात के तुरंत बाद जामई अपने कुछ करीबियों के साथ गमजदा पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने रोते-बिलखते परिवार का एक भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया। आरोप है कि इसके बाद उस वीडियो को उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर दिया गया और नीचे मदद के नाम पर एक संदेहास्पद QR कोड चस्पा कर दिया गया। जब अरीब के परिजनों ने उस कोड को स्कैन किया, तो वह ‘सादिया फातिमा’ नाम की किसी अज्ञात महिला के बैंक खाते से जुड़ा निकला।
7-8 लाख रुपये के गबन की आशंका
आपको बता दे कि, मृतक कारोबारी के भाई मोहम्मद अदीब ने 19 मार्च को सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी को एक शिकायती पत्र सौंपा। इस शिकायत में उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि उनकी बिना किसी लिखित या मौखिक अनुमति के उनके भाई की मौत का सौदा किया गया। अदीब के मुताबिक, इस फर्जी चंदा अभियान (Fake Donation Drive) के जरिए लगभग 7 से 8 लाख रुपये तक की मोटी रकम ऐंठी गई है। जब परिजनों ने इस ऑनलाइन ठगी पर कड़ी आपत्ति जताई, तो जामई की टीम ने इसे आईटी सेल की तकनीकी खराबी बताकर वीडियो डिलीट कर दिया और कहा कि केवल 300-400 रुपये ही आए हैं, जो गले नहीं उतरता।
मानसरोवर पार्क में भी हुई वैसी ही ठगी
शोएब जामई के खिलाफ धोखाधड़ी का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके से भी बिल्कुल इसी तरह का एक और डरावना पैटर्न सामने आया है। वहां रहने वाले सिराजुद्दीन अंसारी ने भी 19 मार्च को पुलिस में अपनी आपबीती दर्ज कराई। सिराजुद्दीन का आरोप है कि नवंबर 2025 में उनके नाबालिग मासूम बेटे की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब भी जामई उनके घर हमदर्दी जताने आए थे और बाद में उनके मृत बच्चे की तस्वीर का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर अवैध चंदा वसूला गया। यहां भी यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए उसी रहस्यमयी महिला ‘सादिया फातिमा’ के नाम का डिजिटल खाता इस्तेमाल किया गया था।
असदुद्दीन ओवैसी के करीबी नेता की सफाई
इन बेहद गंभीर आरोपों ने एआईएमआईएम के शीर्ष नेतृत्व और खुद असदुद्दीन ओवैसी को असहज कर दिया है, क्योंकि शोएब जामई को दिल्ली में पार्टी का सबसे मजबूत और ओवैसी का सबसे विश्वासपात्र चेहरा माना जाता है। हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद शोएब जामई ने इन सभी इल्जामों को सिरे से खारिज कर दिया है। जामई का दावा है कि दिल्ली में एआईएमआईएम के बढ़ते सियासी ग्राफ से परेशान होकर कुछ पूर्व पार्टी नेताओं और कांग्रेस के गुर्गों ने मिलकर उनके खिलाफ यह सुनियोजित षड्यंत्र रचा है। उन्होंने खुद को पाक-साफ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने सारे बैंक रिकॉर्ड्स जांच एजेंसियों को सौंप दिए हैं।









