बिहार में बैंक हड़ताल के चलते कैश संकट से जूझे अकाउंट होल्डर

पटना/बगहा. बगहा अनुमंडल में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता नजर आ रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों में कार्य ठप रहा, जिससे पहले से जारी कैश की किल्लत और गहरा गई। लगातार चार दिनों से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में खाताधारी अपने-अपने जरूरी कार्य के लिए बैंकों तक पहुंचे, लेकिन बैंक बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बगहा शहर स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी गई। शादी-विवाह, इलाज, खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और

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Published On :

जनवरी 27, 2026

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पटना/बगहा.

बगहा अनुमंडल में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता नजर आ रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों में कार्य ठप रहा, जिससे पहले से जारी कैश की किल्लत और गहरा गई। लगातार चार दिनों से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में खाताधारी अपने-अपने जरूरी कार्य के लिए बैंकों तक पहुंचे, लेकिन बैंक बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

बगहा शहर स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी गई। शादी-विवाह, इलाज, खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों के लिए पैसे निकालने पहुंचे खाताधारकों को बैंक बंद होने की सूचना मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीण इलाकों से आए लोग दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। स्थानीय नागरिक प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि पहले से ही एटीएम में नकदी की भारी कमी बनी हुई है। कई एटीएम या तो बंद पड़े हैं या फिर कुछ ही घंटों में खाली हो जा रहे हैं। ऐसे में बैंक शाखाओं पर लोगों की निर्भरता बढ़ गई है, लेकिन हड़ताल और अवकाश के कारण सेवाएं ठप होने से आमजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बैंक ऑफ इंडिया बगहा शाखा के प्रबंधक राहुल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक माह सभी शनिवार को बैंक बंद रहते हैं और इसी क्रम में एक दिन की हड़ताल होने से बैंकिंग कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी से शाखा का कामकाज पुनः सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। ग्राहकों से हुई असुविधा के लिए उन्होंने खेद भी जताया। हड़ताल के कारण सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आए ग्रामीण खाताधारकों को उठानी पड़ी। कई लोगों ने कहा कि बैंक बंदी की पूर्व सूचना स्पष्ट रूप से नहीं मिलने के कारण उन्हें बेवजह समय और पैसे की बर्बादी करनी पड़ी।

वहीं, छोटे व्यापारियों ने भी नकदी के अभाव में लेन-देन प्रभावित होने की बात कही। बैंक हड़ताल और कैश संकट ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। लोगों को उम्मीद है कि बैंक खुलते ही नकदी की समस्या का समाधान होगा और लंबित कार्य जल्द पूरे किए जा सकेंगे। फिलहाल, बैंक बंदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बैंकिंग सेवाएं ठप होने का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर ही पड़ता है।

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