अभ्युदय योजना: यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की, बनी सफलता की सीढ़ी

अभ्युदय योजना बनी सफलता की सीढ़ी, यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की डीएसपी से नायब तहसीलदार तक चयनित युवाओं ने कहा – मुफ्त कोचिंग और गाइडेंस से मिली बड़ी मदद रायबरेली के हर्ष सिंह को मिली 7वीं रैंक, बोले- इंटरव्यू तक अभ्युदय से मिला मार्गदर्शन नमन तिवारी ने कहा- सिलेबस समझने से लेकर रणनीति तक हर स्तर पर मिली मदद आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान बनी योजना, विजेंद्र सिंह ने बताई उपयोगिता लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर युवाओं की सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। यूपीपीसीएस 2024

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Published On :

अप्रैल 3, 2026

अभ्युदय योजना बनी सफलता की सीढ़ी, यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की

डीएसपी से नायब तहसीलदार तक चयनित युवाओं ने कहा – मुफ्त कोचिंग और गाइडेंस से मिली बड़ी मदद

रायबरेली के हर्ष सिंह को मिली 7वीं रैंक, बोले- इंटरव्यू तक अभ्युदय से मिला मार्गदर्शन

नमन तिवारी ने कहा- सिलेबस समझने से लेकर रणनीति तक हर स्तर पर मिली मदद

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान बनी योजना, विजेंद्र सिंह ने बताई उपयोगिता

लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर युवाओं की सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। यूपीपीसीएस 2024 के परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों ने इस योजना को अपनी सफलता का अहम कारण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की है। चयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का मंच भी दे रही है।

रायबरेली के हर्ष सिंह, जिन्हें यूपीपीसीएस 2024 में 7वीं रैंक प्राप्त हुई है और डिप्टी एसपी पद पर चयन हुआ है, ने बताया कि अभ्युदय योजना से जुड़कर उन्हें तैयारी के हर चरण में मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी में भी इस योजना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। हर्ष सिंह ने इसे युवाओं के लिए एक “महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी योजना” बताते हुए कहा कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने का अवसर मिलता है।

वहीं, उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, ने कहा कि अभ्युदय योजना ने परीक्षा के पैटर्न को समझने और रणनीति बनाने में उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि कई बार सिलेबस और विषयों को समझने में कठिनाई होती थी, लेकिन योजना के तहत उपलब्ध फैकल्टी और मार्गदर्शन ने इन चुनौतियों को आसान बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।

अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक प्राप्त हुई है, ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना के तहत न केवल कोचिंग, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल मिलता है।

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