Abhijit Deepke News : CJP संस्थापक अभिजीत दीपके जेल से रिहा, शाहरुख खान की तस्वीर से दिया मजेदार संदेश

दिल्ली में तिरंगा यात्रा आयोजित करने की योजना के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब 24 घंटे बाद रिहाई मिलते ही उन्होंने शाहरुख खान की तस्वीर पोस्ट की। आखिर कनॉट प्लेस में उन्हें क्यों रोका गया और रिहाई के बाद उनकी मजेदार टिप्पणी के पीछे क्या कहानी है?

Abhijit Deepke

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

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Abhijit Deepke News : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। करीब 24 घंटे तक इंटरनेट और फोन से दूर रहने के बाद उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की एक मजेदार तस्वीर एक्स पर साझा की। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने हिरासत में बिताए समय और फोन से दूर रहने के अनुभव को हास्यपूर्ण अंदाज में पेश किया। उनकी पोस्ट में फिल्म ‘वीर-जारा’ में शाहरुख खान के बुजुर्ग किरदार की तस्वीर दिखाई गई।

‘वाई-फाई और फोन के बिना 24 घंटे’

अभिजीत दीपके ने शाहरुख खान की तस्वीर के साथ लिखा कि वाई-फाई और फोन के बिना 24 घंटे जेल में बिताने के बाद बाहर निकलने पर कुछ ऐसा ही महसूस होता है। उनकी इस टिप्पणी में सोशल मीडिया से दूर रहने के अनुभव को मजाकिया अंदाज में दिखाया गया। रिहाई के तुरंत बाद पोस्ट साझा करने के उनके तरीके ने लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं या उसके वायरल होने के स्तर की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

तिरंगा यात्रा निकालने की थी योजना

मामला दिल्ली के व्यस्त कारोबारी इलाके कनॉट प्लेस का है, जहां अभिजीत दीपके ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ ‘तिरंगा यात्रा’ आयोजित करने की योजना बनाई थी। हालांकि, वहां लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। ऐसे में बिना अनुमति लोगों के एकत्र होने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई

पुलिस की ओर से बताया गया कि कनॉट प्लेस दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां अचानक बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से आम नागरिकों की आवाजाही बाधित हो सकती थी। इसके अलावा, त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने और स्थानीय कारोबार पर असर पड़ने की आशंका भी बताई गई। पुलिस का तर्क था कि किसी भी आयोजन में लोगों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखना जरूरी है। इसी आधार पर अधिकारियों ने प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने की कार्रवाई की।

हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों से हुई बहस

हिरासत में लिए जाने के दौरान अभिजीत दीपके और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य कोई आंदोलन करना नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना था। उनका तर्क था कि तिरंगा फहराना अपने आप में गलत या गैरकानूनी नहीं है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान का प्रतीक है, लेकिन किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर के बाद मिली रिहाई

मामले में आखिरकार अभिजीत दीपके ने शांति बनाए रखने की शर्त पर पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने संबंधी बंधपत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। बाहर आते ही उन्होंने शाहरुख खान की तस्वीर के साथ अपनी प्रतिक्रिया साझा की। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को सामने रखा। हालांकि, मामले में पुलिस की कार्रवाई और लागू कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है।