अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, गैंगस्टर एक्ट मामले में मिली कानूनी राहत

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में नियमित जमानत दे दी है। अब्बास अंसारी गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं और मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस जमानत में अब्बास अंसारी यूपी से बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे पहले ट्रायल कोर्ट को जानकारी देनी होगी। इस जानकारी में उन्हें अपना मोबाइल नंबर और कहां जा रहे हैं इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके

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Published On :

जनवरी 13, 2026

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लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में नियमित जमानत दे दी है। अब्बास अंसारी गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं और मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस जमानत में अब्बास अंसारी यूपी से बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे पहले ट्रायल कोर्ट को जानकारी देनी होगी। इस जानकारी में उन्हें अपना मोबाइल नंबर और कहां जा रहे हैं इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही वह कहीं जा सकते हैं।
नियमित जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंसारी को अंतरिम राहत देते समय पहले लगाई गई सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।
अब्बास अंसारी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस फैसले से अब वे सभी मामलों में जमानत पर हैं। राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने पेश किया, लेकिन कोर्ट ने उनके तर्कों को ध्यान में रखते हुए भी जमानत को नियमित कर दिया। यह फैसला अब्बास अंसारी और उनके परिवार के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है।
इससे पहले, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों में ढील दी थी। अंसारी को लखनऊ में उन्हें अलॉट किए गए सरकारी आवास में रहना था। इसके अलावा, पिछले साल सितंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मामले में उनकी जेल की सजा पर रोक लगाने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब्बास अंसारी की सदस्यता भी बहाल कर दी गई थी।
अब्बास अंसारी पर 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप था। आरोप है कि उन्होंने एक पब्लिक मीटिंग में भड़काऊ बातें कही थीं और सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद वह उनसे हिसाब बराबर करेंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे।
मुख्तार अंसारी का दशकों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी राजनीतिक प्रभाव रहा था। उन्होंने कई बार मऊ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे अब्बास अंसारी ने राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने मऊ सदर सीट जीती थी।

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