हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन लीची, आम और कटहल से लदे वृक्षों ने बढ़ाई रौनक, तपती गर्मी में भी सुकून का एहसास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिला मुख्यालय स्थित मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर इन दिनों केवल न्यायिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनुपम छटा का जीवंत उदाहरण बन गया है। परिसर में लगे लीची, आम और कटहल के घने एवं फलदार वृक्ष इसे एक सजीव बाग-बगीचे का रूप प्रदान कर रहे हैं, जहां हरियाली की ठंडक और फलों की बहार लोगों का मन मोह लेती है। गर्मी के इस तीखे मौसम में,

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अप्रैल 24, 2026

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन

लीची, आम और कटहल से लदे वृक्षों ने बढ़ाई रौनक, तपती गर्मी में भी सुकून का एहसास

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

जिला मुख्यालय स्थित मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर इन दिनों केवल न्यायिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनुपम छटा का जीवंत उदाहरण बन गया है। परिसर में लगे लीची, आम और कटहल के घने एवं फलदार वृक्ष इसे एक सजीव बाग-बगीचे का रूप प्रदान कर रहे हैं, जहां हरियाली की ठंडक और फलों की बहार लोगों का मन मोह लेती है।
गर्मी के इस तीखे मौसम में, जब चारों ओर तपिश और उमस से लोग बेहाल हैं, वहीं न्यायालय परिसर में प्रवेश करते ही वातावरण बदल जाता है। पेड़ों की घनी छांव, पत्तों से छनकर आती धूप और हवा में घुली ताजगी एक अलग ही सुकून का अनुभव कराती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो न्याय के इस मंदिर में प्रकृति ने स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी हो।
परिसर में लगे लीची के गुच्छेदार फल, आम के कच्चे-पके रंग और कटहल के विशाल फलों की भरमार न केवल आंखों को आनंदित करती है, बल्कि यहां आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पक्षकारों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। हर ओर फैली हरियाली और फलदार वृक्षों की छटा इस स्थान को किसी उद्यान से कम नहीं रहने देती।
अधिवक्ता श्रीमती पूनम गुप्ता का कहना है कि न्यायालय परिसर में इस प्रकार की हरियाली वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है। उनका मानना है कि यह नजारा केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी देता है।
यदि न्यायालय प्रशासन और अधिवक्ता संघ द्वारा इस हरियाली को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए, तो आने वाले समय में यह परिसर एक आदर्श उदाहरण बन सकता है—जहां न्यायिक प्रक्रियाओं के साथ प्रकृति का संतुलन भी सहज रूप से दिखाई दे। यहां का हर पेड़, हर फल और हर छांव मानो यही संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण एक साथ कदम बढ़ा सकते हैं।

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