नरी गांव के राम रतन सिंह का कमाल, एशियन पैरा गेम्स में डिस्कस थ्रो में हासिल किया रजत पदक

 नागोया   मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है छाता तहसील स्थित नरी गांव के जांबाज पैरा एथलीट राम रतन सिंह ने। कभी अखाड़ों और कबड्डी के मैदानों में विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले रामरतन ने जापान के नागोया (आईची प्रांत) में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्कस थ्रो में भारत की झोली में रजत पदक डाल दिया है।रामरतन की इस सफलता से खेल जगत में जश्न का माहौल है। छाता के नरी गांव के

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Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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 नागोया 
 मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है छाता तहसील स्थित नरी गांव के जांबाज पैरा एथलीट राम रतन सिंह ने। कभी अखाड़ों और कबड्डी के मैदानों में विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले रामरतन ने जापान के नागोया (आईची प्रांत) में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्कस थ्रो में भारत की झोली में रजत पदक डाल दिया है।रामरतन की इस सफलता से खेल जगत में जश्न का माहौल है।

छाता के नरी गांव के रहने वाले हैं राम रतन, हादसे के बाद लगाई पदकों की झड़ी

राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती और कबड्डी में पदक जीतने वाले राम रतन विज्ञान में स्नातक करने के बाद बीपीएड कर खेल शिक्षक बनना चाहते थे। लेकिन साल 2017 में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर चोट आने से वह क्वाड्रिप्लेजिया (गर्दन के नीचे का पूरा शरीर लकवाग्रस्त) के शिकार हो गए। शरीर ने काम करना बंद कर दिया था, लेकिन उनके हौसलों ने हार नहीं मानी।

हादसे से पहले कुश्ती व कबड्डी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी थे राम रतन सिंह

साल 2018 में एक मित्र की प्रेरणा से उन्होंने एफ-51 श्रेणी में पैरा स्पोर्ट्स की दुनिया में कदम रखा। उंगलियों और हथेलियों पर गोंद लगाकर क्लब और डिस्कस थामने वाले रामरतन ने 2019 से पदकों की झड़ी लगानी शुरू कर दी। हाल ही में बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में 26 से 28 मई तक आयोजित आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में उन्होंने 12.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता था।

इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया ने उनका चयन जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित एशियन पैरा गेम्स के लिए किया था। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए रजत पदक जीतकर तिरंगा लहरा दिया।

जिले में जश्न, शहर भर में लगेंगे होर्डिंग्स
जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की सचिव कुसुम लता ने इस एतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की। जिला पैरा स्पोर्ट्स एथलेटिक्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सुनीता पाठक ने बताया कि भारत वापसी पर रामरतन का भव्य स्वागत किया जाएगा और उनके सम्मान में शहर भर में होर्डिंग्स लगाए जाएंगे।

यूपी पैरा एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष खंडेलवाल, पैरा पावरलिफ्टिंग इंडिया टीम के मुख्य कोच जेपी सिंह, उप क्रीड़ा अधिकारी आजाद सिंह, ओलंपिक संघ के सचिव महेंद्र सिंह राजपूत, जिला फुटबाल संघ के सचिव डॉ. दलवीर सिंह कौंतेय, छत्रपाल सहित खेल संघों के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है।