MP के रामबरन का कमाल! दिव्यांग तैराक इंग्लैंड में 36 किमी की चुनौती के लिए तैयार, बैतूल का बढ़ाएंगे मान

बैतूल  हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के लिए उन्हें स्विमिंग और पायलटिंग फेडरेशन से स्वीकृति मिल चुकी है। तैराकी में लगभग 14 घंटे का समय लगेगा। इस बार उनका स्लॉट 20 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच तय किया गया है। रामबरन ने बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में अपनी तैयारियां

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Published On :

जुलाई 9, 2026

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बैतूल 
हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के लिए उन्हें स्विमिंग और पायलटिंग फेडरेशन से स्वीकृति मिल चुकी है। तैराकी में लगभग 14 घंटे का समय लगेगा।

इस बार उनका स्लॉट 20 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच तय किया गया है। रामबरन ने बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रामबरन पाल ने बताया पिछले वर्ष भी उन्हें इंग्लिश चैनल पार करने का मौका मिला था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रतियोगिता नहीं हुई थी। जिसके लिए इंग्लैंड पहुंचे थे।

दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं

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यहां 1 से 20 सितंबर 2025 तक डोवर में प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया आवश्यक औपचारिकताएं और तैयारियां पूरी कर चुके थे, लेकिन समुद्र में खराब मौसम और तूफान के कारण स्पर्धा नहीं हो सकी, जिससे उन्हें बिना तैराकी किए वापस लौटना पड़ा। अब दोबारा अवसर मिलने पर वे पूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि इस बार उन्हें दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पहले ही लंदन में कोच सत्येंद्र सिंह के मार्गदर्शन में इंग्लिश चैनल की तैराकी का विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रतियोगिता से पहले केवल मेडिकल परीक्षण होगा, जिसके बाद वे सीधे स्पर्धा में हिस्सा ले सकेंगे। रामबरन स्पर्धा में भाग लेने वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास कर रहे हैं।

दिव्यांगों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं पाल
रामबरन पाल ने बताया कि इंग्लिश चैनल पार करना हर तैराक का सपना होता है। यह प्रतियोगिता तेज लहरों, ठंडे पानी और बदलते मौसम के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तैराकी स्पर्धाओं में गिनी जाती है। उनका लक्ष्य चैनल पार कर भारत और बैतूल जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना है। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं।

मिल चुके कई अवार्ड
तैराक रामबरन पाल राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 22 पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीत चुके हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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