चुनावी माहौल में नई रणनीति: पंजाब में भाजपा ने लगाए महाराजा रंजीत सिंह के कटआउट

जालंधर. मोगा में भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली के दौरान आज कई कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अकसर भाजपा की रैली में पहले कभी नहीं देखा गया। भाजपा वाकई ही पंजाब को लेकर इस बार कितनी गंभीर है, वो आज की रैली में देखने को मिला। रैली के दौरान कई इस तरह की व्यवस्थाएं की गईं, जिससे भाजपा की रैली की सफलता की संभावनाएं बढ़ गईं। मोगा में आज की रैली के दौरान स्थल के पास कुछ कटआऊट लगाए गए थे, जिनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के फोटो थे। लेकिन उसमें एक ऐसी तस्वीर थी, जो पंजाब के

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Published On :

मार्च 15, 2026

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जालंधर.

मोगा में भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली के दौरान आज कई कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अकसर भाजपा की रैली में पहले कभी नहीं देखा गया। भाजपा वाकई ही पंजाब को लेकर इस बार कितनी गंभीर है, वो आज की रैली में देखने को मिला। रैली के दौरान कई इस तरह की व्यवस्थाएं की गईं, जिससे भाजपा की रैली की सफलता की संभावनाएं बढ़ गईं।

मोगा में आज की रैली के दौरान स्थल के पास कुछ कटआऊट लगाए गए थे, जिनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के फोटो थे। लेकिन उसमें एक ऐसी तस्वीर थी, जो पंजाब के लोगों के लिए खास अहमियत रखती है। यह तस्वीर थी, शेरे पंजाब महाराज रंजीत सिंह की। उनकी तस्वीर के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ तथा पंजाब के बड़े नेताओं की तस्वीरें थीं। महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर को अगर भाजपा का मास्टरस्ट्रोक कहा जाए तो वह गलत नहीं होगा। महाराजा रंजीत सिंह पंजाब के इतिहास में युगपुरुष के तौर पर जाने जाते थे। जिन्होंने सिख मिसलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। अफगान के आक्रमणों को रोका। अंग्रेजों को सीमाओं से दूर रखा और पंजाब को आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक पुनर्गठन का केंद्र बनाया।

उन्होंने 11 सिख मिसलों को एक झंडे के नीचे लाकर पंजाब को एक विशाल और संगठित साम्राज्य में बदला। शेर-ए- पंजाब की उपाधि से महाराजा रंजीत सिंह आज भी याद किए जाते हैं। पंजाब के लिए उनकी देन हर सिख हिंदू के लिए अहम भूमिका रखती है। भाजपा ने मोगा रैली के दौरान जिस तरह से महाराजा रंजीत सिंह को अहमियत दी, यह बात साबित करता है कि पंजाब को इस समय वाकई में ही ऐसे एक युगपुरुष की जरूरत है। महाराजा रंजीत सिंह ने कभी किसी को बेवजह तंग परेशान नहीं किया। कहा तो यह भी जाता है कि उन्होंने युद्ध के अलावा कभी किसी की जान नहीं ली और न ही कभी सिंहासन पर बैठे। हरमंदिर साहिब को सोने से सजाने का अभियान भी उनकी ही देन है।

भाजपा इस कोशिश के साथ शायद यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में एक बार फिर से ऐसे साम्राज्य की जरूरत है, जहां पर आम जनता से जुड़ी समस्याओं का हल हो सके। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने भाषण में महाराजा रंजीत सिंह का जिक्र करने के साथ साथ पंजाब का कर्ज, धर्म परिवर्तन, ड्रग्स, लॉ एंड आर्डर का जिक्र भी किया, जो इस समय सबसे बड़ी समस्याएं हैं।

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