इंदौर मेट्रो में नई शुरुआत, TBM ‘नर्मदा’ ने संभाला मोर्चा; अब जमीन के नीचे बनेगी मेट्रो लाइन

इंदौर  इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य ने अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ को एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। TBM की लॉन्चिंग के साथ ही इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। यह काम आधुनिक तकनीक और निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा। एमडी ने मौके पर पहुंचकर देखा पूरा काम TBM ‘नर्मदा’ की लॉन्चिंग के दौरान मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य

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Published On :

सितम्बर 5, 2026

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इंदौर 
इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य ने अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ को एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया।

TBM की लॉन्चिंग के साथ ही इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। यह काम आधुनिक तकनीक और निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा।

एमडी ने मौके पर पहुंचकर देखा पूरा काम

TBM ‘नर्मदा’ की लॉन्चिंग के दौरान मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने लॉन्चिंग की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और इस चुनौतीपूर्ण तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली इंजीनियरिंग टीम और मेट्रो अधिकारियों को बधाई दी।

410 टन की मशीन, पहले जमीन पर तैयार की गई
‘नर्मदा’ कोई सामान्य मशीन नहीं है। इसका वजन करीब 410 मीट्रिक टन है। इतनी भारी और विशाल TBM को पहले ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया। इसके बाद विशेष तकनीकी व्यवस्था के जरिए इसे एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट के भीतर उतारा गया।

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मशीन को शाफ्ट में सुरक्षित उतारना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी। इसके लिए Megalift System और Strand Jack Assembly जैसी विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यह सिस्टम 1,000 मीट्रिक टन से अधिक भार उठाने में सक्षम है।

अब एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक बनेगी सुरंग
TBM ‘नर्मदा’ का इस्तेमाल इंदौर मेट्रो के एयरपोर्ट-बड़ा गणपति भूमिगत सेक्शन में सुरंग निर्माण के लिए किया जाएगा। मशीन के जरिए जमीन के भीतर सुरंग बनाने का काम व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेगा।

भूमिगत निर्माण में TBM तकनीक का इस्तेमाल इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे जमीन की सतह पर यातायात और अन्य गतिविधियों को अपेक्षाकृत कम प्रभावित करते हुए बड़े स्तर पर सुरंग निर्माण किया जा सकता है।

अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण के नए चरण की शुरुआत
पहली TBM की सफल लॉन्चिंग के साथ इंदौर मेट्रो परियोजना ने भूमिगत निर्माण के लिहाज से एक अहम पड़ाव पार किया है। अब सुरंग निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ शहर में मेट्रो के भूमिगत नेटवर्क को आकार मिलने लगेगा।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की तकनीकी प्रोजेक्ट में मशीन की असेंबली, शाफ्ट में उतारना और फिर टनल बोरिंग शुरू करना कई चरणों वाली जटिल प्रक्रिया है। ‘नर्मदा’ की सफल लॉन्चिंग इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।