धार-झाबुआ से गोधरा और राजकोट तक नई लाइफलाइन, इंदौर-अहमदाबाद सफर होगा 6 घंटे का

इंदौर  मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है. क्योंकि इंदौर से झाबुआ होते हुए गुजरात की सीमा तक जाने वाला नेशनल हाईवे-47 फोरलेन का हिस्सा पूरा हो चुका है. जिससे इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी. जबकि इंदौर से धार, झाबुआ, दाहोद, गोदरा और अहमदाबाद तक यह फोरलेन हाईव स्पीड कनेक्टिविटी देने वाला है. 162 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को 4 लेन में अपग्रेड किया गया है. जिससे बड़े वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. राष्ट्रीय राजमार्ग-47 का इंदौर-गुजरात सीमा खंड पूरी तरह तैयार हो चुका है. इंदौर के लिए

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Published On :

सितम्बर 1, 2026

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इंदौर 

मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है. क्योंकि इंदौर से झाबुआ होते हुए गुजरात की सीमा तक जाने वाला नेशनल हाईवे-47 फोरलेन का हिस्सा पूरा हो चुका है. जिससे इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी. जबकि इंदौर से धार, झाबुआ, दाहोद, गोदरा और अहमदाबाद तक यह फोरलेन हाईव स्पीड कनेक्टिविटी देने वाला है. 162 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को 4 लेन में अपग्रेड किया गया है. जिससे बड़े वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. राष्ट्रीय राजमार्ग-47 का इंदौर-गुजरात सीमा खंड पूरी तरह तैयार हो चुका है. इंदौर के लिए भी यह उपयोगी साबित होने वाला है, क्योंकि इंदौर गुजरात से और तेजी से कनेक्ट हो जाएगा। 

इंदौर से अहमदाबाद की दूरी होगी कम
राष्ट्रीय राजमार्ग-47 का इंदौर-गुजरात सीमा खंड फोरलेन का सबसे ज्यादा फायदा इंदौर और अहमदाबाद के लिए अहम साबित होगा. अभी दोनों शहरों के बीच 380 से 400 किलोमीटर दूरी तय करने में 8 से 9 घंटे का समय लगता है. अभी अहमदाबाद जाने वाले वाहनों को संकरी सड़कों और जंगलों के बीच बने खतरनाक मोड़ों से गुजरना पड़ता था, लेकिन इसे फोरलेन में अपग्रेड होने से यह दूरी अब महज 5 से 6 घंटे में ही पूरी हो रही है. जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रियों के अलावा मालवाहनों को सबसे ज्यादा फायदा होना शुरू हो गया है। 

मध्य प्रदेश-गुजरात के ये शहर होंगे कनेक्ट 
    मध्य प्रदेश के शहर: इंदौर से शुरू होकर यह हाईवे धार और झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल और औद्योगिक क्षेत्रों से गुजरेगा. 
    गुजरात के शहर: बॉर्डर पार करते ही यह हाईवे सीधे दाहोद, गोधरा और फिर अहमदाबाद तथा बामनबोर राजकोट के पास तक जुडे़गा. 
    इस प्रोजेक्ट के कारण इंदौर से धार, झाबुआ, दाहोद और गोधरा के बीच का सफर बेहद संक्षिप्त और सुरक्षित हो गया है. 

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NH-47 का हिस्सा
दरअसल, NH-47 गुजरात के बामनबोर से शुरू होकर मध्य प्रदेश से गुजरते हुए महाराष्ट्र के नागपुर तक जाता है. जिसकी कुल लंबाई लगभग 1006 किलोमीटर है. इस हाईवे का इंदौर से एमपी-गुजरात सीमा खंड लगभग 150 से 160 किलोमीटर के दायरे को कवर करता है. इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत हाल ही में NHAI की तरफ से 16 किलोमीटर लंबे मुख्य बाईपास और री-अलाइंड खंड का काम पूरा कर लिया है. जिसने सबसे कठिन रास्तों को आसान बना दिया है, जो इन शहरों को कवर कर रहा है। 

    इंदौर
    बेतमा 
    धार
    सरदापुर
    झाबुआ
    पिटोल
    दाहोद 
    लिमखेड़ा 
    गोदरा 

7 नए व्हीकल अंडरपास भी बने 
इस हाईवे को पूरी तरह 'एक्सीडेंट-फ्री' बनाने के लिए सरकार इस खंड पर 168.58 करोड़ की लागत से 07 नए व्हीकल अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी करवा रही है. इससे स्थानीय गांवों का ट्रैफिक मुख्य हाईवे पर सीधे नहीं आएगा. जबकि वाहन इस हाईवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकल सकेंगे।