लुधियाना कांग्रेस नेता की हत्या पर बड़ा खुलासा, बिहार से पकड़ा गया आरोपी—कुल्हाड़ी लेकर घूम रहा था हत्यारा

लुधियाना थाना कुमकलां के तखरां गांव में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को लुधियाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन में आज दोपहर डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा खुलासा करेंगे। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी क्योंकि हमलावरों ने बड़ी ही क्रूरता के साथ

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Published On :

अप्रैल 4, 2026

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लुधियाना
थाना कुमकलां के तखरां गांव में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को लुधियाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन में आज दोपहर डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा खुलासा करेंगे। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी क्योंकि हमलावरों ने बड़ी ही क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था।

जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय हत्या से महज एक घंटा पहले नशे की हालत में अपने कंधे पर कुल्हाड़ी रखकर गांव की गलियों में पैदल घूमता दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार शाम 5:47 बजे आरोपी गांव में बेखौफ घूम रहा था और ठीक 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि अजय पिछले 15 दिनों से गांव के चक्कर लगाकर तिवारी की रेकी कर रहा था। वारदात के समय आरोपी लक्की बाइक चला रहा था, जबकि अजय ने कुल्हाड़ी से हमला किया। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार होकर पटना (बिहार) जा छिपे थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोच लिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। हमलावरों ने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक कुल 6 वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी पूरी तरह डैमेज हो गई और दिमाग का हिस्सा बाहर बिखर गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वार इतना जोरदार था कि तिवारी को चीखने तक का मौका नहीं मिला और वे पहले ही वार में जमीन पर गिर पड़े थे। गिरने के बाद भी आरोपी उन पर वार करते रहे। शरीर के अन्य किसी हिस्से पर चोट के निशान न होना यह दर्शाता है कि आरोपियों का एकमात्र मकसद उनकी जान लेना ही था।

पुलिस फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे तीन मुख्य थ्योरियों पर काम कर रही है। पहली थ्योरी पंचायत की जमीन के विवाद से जुड़ी है। आरोपी अजय ने पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया था और एक सरकारी कमरे को तोड़कर अपने घर में मिला लिया था। इसी बात को लेकर उसका परमिंदर तिवारी और सरपंच पति जगदीश के साथ विवाद चल रहा था, जिसका केस अदालत में लंबित है। दूसरी ओर, वारदात के कुछ समय बाद तिवारी के मोबाइल पर आए एक इंटरनेशनल कॉल ने पुलिस को उलझा दिया है। कॉल करने वाले ने सीधे तिवारी का हाल पूछा था, जिससे सुपारी किलिंग का शक भी गहरा रहा है। इसके साथ ही पुरानी राजनीतिक रंजिश के एंगल को भी नकारा नहीं जा रहा है, क्योंकि तिवारी गांव की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय थे और आरोपी उनके राजनीतिक विरोधियों का करीबी बताया जा रहा है। अब पुलिस की पूछताछ में ही साफ होगा कि इस खूनी खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

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