सरस मेले में झूला जाम होने से एक दर्जन बच्चे हवा में लटके

पटियाला. पटियाला के सरस मेले में आज उस समय हाहाकार मच गया, जब यहां एक बड़ा झूला ऊपर जाकर लगभग 70-80 फुट की ऊंचाई पर जाम हो गया। इस झूले में एक दर्जन से अधिक बच्चे फंस गए, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के माता-पिता ने रोना धोना और गुहार लगानी शुरू कर दी। अचानक हड़कंप मचने से मेले का माहौल बिगड़ गया, जिसके बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके को संभाला। ए.डी. सी. डिवैल्पमैंट दमनजीत मान की अगुवाई में एक टीम ने एक-एक कर बच्चों को नीचे उतारा और उन्हें उनके माता-पिता के हवाले किया। पूरा दिन

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Published On :

फ़रवरी 23, 2026

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पटियाला.

पटियाला के सरस मेले में आज उस समय हाहाकार मच गया, जब यहां एक बड़ा झूला ऊपर जाकर लगभग 70-80 फुट की ऊंचाई पर जाम हो गया। इस झूले में एक दर्जन से अधिक बच्चे फंस गए, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के माता-पिता ने रोना धोना और गुहार लगानी शुरू कर दी।

अचानक हड़कंप मचने से मेले का माहौल बिगड़ गया, जिसके बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके को संभाला। ए.डी. सी. डिवैल्पमैंट दमनजीत मान की अगुवाई में एक टीम ने एक-एक कर बच्चों को नीचे उतारा और उन्हें उनके माता-पिता के हवाले किया। पूरा दिन इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि आखिर इन झूलों की टेस्टिंग क्यों नहीं हुई। यह झूले कहां से आए हैं और इन्हें चलाने वाले लोग कौन हैं। लोग पहले से ही इस बात से नाराज थे कि झूलों के लिए बहुत अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। सरकारी मेला होने के कारण हर चीज का रेट तय होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।

लोगों ने कहा कि एक दर्जन बच्चों को लगभग एक घंटे में नीचे उतारा गया। भगवान का शुक्र है कि सभी बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारकर उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता तो यह कभी न भूलने वाला हादसा बन सकता था लेकिन इस लापरवाही के लिए किसी को माफ नहीं किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि ऐसे झूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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