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World Rivers Day 2021: विश्व नदी दिवस के मौके पर नदियों के हाल बेहाल, पीएम मोदी ने कहा- साल में एक ब

World Rivers Day 2021: विश्व नदी दिवस के मौके पर नदियों के हाल बेहाल, पीएम मोदी ने कहा- साल में एक बार नदी उत्सव जरूर मनाएं

Mann Ki Baat 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 81वीं बार देश को मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया। अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने विश्व नदी दिवस पर लोगों को नदियों के महत्व के बारे में बताया और भारत में नदियों की आस्था की चर्चा भी की। 

प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारे यहाँ कहा गया है -“पिबन्ति नद्यः, स्वय-मेव नाम्भः ” अर्थात नदियाँ अपना जल खुद नहीं पीती, बल्कि परोपकार के लिए देती हैं।

हमारे लिए नदियाँ एक भौतिक वस्तु नहीं है, हमारे लिए नदी एक जीवंत इकाई है, और तभी तो, तभी तो हम, नदियों को माँ कहते हैं। हमारे कितने ही पर्व हो, त्यौहार हो, उत्सव हो, उमंग हो, ये सभी हमारी इन माताओं की गोद में ही तो होते हैं।"

कहने को तो देश में नदियों को लेकर तमाम तरह के अभियान चलाए जाते हैं, साथ ही नदियों को सुरक्षित व उपयोगी बनाने के लिए विश्व नदी दिवस का आयोजन भी किया जाता है, लेकिन यह आयोजन नदियों को सुरक्षित रखने में कितना सहयोग प्रदान करता है और इस अभियान से नदिया कितना सुरक्षित रह पाती हैं इस बात का अंदाजा आप तस्वीरों से लगा सकते हैं। देश के नक्शे में दर्ज करोड़ नदी आज भी अपनी बदहाली को लेकर आंसू बहा रही है जिसे देखने वाला कोई मौजूद नहीं है। 

हर साल सितंबर के अंतिम रविवार को विश्व नदी दिवस मनाया जाता है। साल 2005 में इसकी शुरुआत हुई। इस बार यह 26 सितंबर यानी आज है। नदियां हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। नदियां जीवन दायिनी हैं। प्राकृतिक रुप से बहुत सारे जीव-जन्तु और प्राणी जल के लिए नदियों पर ही निर्भर हैं, लेकिन पर्यावरण में फैलता हुआ प्रदूषण नदियों के लिए अभिषाप बन गया है। 

कुछ नदियां अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी हैं तो कुछ लुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में नदियों का सरंक्षण करना अति आवश्यक हो गया है। बदहाली की दास्तां महसूस करने वाली नदियों में से एक नदी अलीगढ़ के तहसील इगलास में मथुरा रोड पर करबन नदी स्थित है जहां नदी के पास कूड़े के लम्बे-लम्बे ढेर लगे हुए है। 

कोई जमाना हुआ करता था, जब इस नदी से आसपास के किसान अपने खेतों की सिचाई किया करते थे, साथ ही लोग करबन नदी में स्नान किया करते थे लेकिन ये नदी अब अपना वर्चस्व खो चुकी है और यहां लम्बे लम्बे कूड़े के ढेर लग चुके है स्थानीय प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है।  

कहने को तो सरकार आज के दिन विश्व नदी दिवस मनाती है लेकिन करबन नदी जैसी नदिया अपनी बदहाली पर आज भी आंसू बहा रही है, देश में आज विश्व नदी दिवस मनाया जा रहा है लेकिन आज भी यह नदी अपना अस्तित्व खोती नजर आ रही है देश के नक्शे में दर्ज करबन नदी का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है, जिसको संयोग कर रखने का अभी तक प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा।  

ख़ालिक़ अंसारी


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