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जब 7 घंटे बाद जिंदा हुआ मरीज़

जब 7 घंटे बाद जिंदा हुआ मरीज़

अक्सर ऐसा हम सबने सुना होगा कि पुनर्जन्म होते है एक जन्म में मरने के बाद इंसान वापस आता है | लेकिन किसी दूसरे रुप में, लेकिन क्या होगा जब एक ही जन्म में मरने के बाद इंसान फिर सात घंटे बाद जिंदा हो जाए | ये बात सबको हैरान कर देगी तो आइये आपको बताते है कि क्या है पूरा मामला | फिल्में और सीरियल तो आप देखते ही होंगे, उसमें अकसर ऐसा होता है कि इंसान मरने के बाद जिंदा हो जाता और चलने फिरने लगता है लेकिन ये तो सबको पता है कि फल्मों में कुछ भी हो सकता है पर क्या हो अगर ऐसा कुछ सच में हो जाए, मरा हुआ इंसान जिंदा हो जाए | हम मरे हुए इंसान की बात कर रहे है किसी ऐसे इंसान की नहीं जो मरने का ड्रामा या नाटक कर रहा हो | 

Right Meaning And Interpretation Of Dreams of Dead People

जी हां सही सुना आपने | ये मामला जिसने सुना, वो सन्न रह गया | जिसमें मरने के बाद इंसान 7 घंटों के लंबे समय के बाद फिर जिंदा हो गया | ये किसी फिल्म या सीरीज़ की कहानी नहीं है | जबकि एक रियल स्टोरी है | सुनने में थोड़ा अजीब ज़रुर लगेगा | लेकिन ये सच में हुआ है | ये पूरा मामला उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद का है | जहां सड़क दुर्घटना में घायल युवक के मृत हो जाने की सूचना पुलिस को दी गई थी | 

Will we ever bring the dead back to life? - BBC Future

जिसके बाद पुलिस शव का पंचनामा करने के लिये | पुलिस जिला अस्पताल के मॉर्चुरी पहुंची | पुलिस मृतक व्यक्ति के शरीर पर चोट के निशान देख ही रही थी | तभी उनको एहसास हुआ कि, उसकी सांस चल रही है | ये चमत्कार था, या वहम ये सबकी समझ से परे था | हर कोई मूकदर्शक बनकर मोर्चरी में जस का तस खड़ा रहा | मोर्चरी में डॉक्टर ने तुरंत जा कर जब देखा तो | उनके भी हाथ पांव फूल गए | और डॉक्टर ने इलाज के लिये | दोबारा मृतक से मरीज बने युवक को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया | जब इसकी जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो परिवार में छाया मातम भी खुशी में बदल गया | पहली नज़र में तो ये मामला शायद आम नज़र आ रहा होगा | लेकिन आगे जो हम आपको बतायगे शायद उसके बाद आपके पैरों तले ज़मीन खीसक जाएंगी | 

Blurring the Line Between Life and Death - SevenPonds BlogSevenPonds Blog

श्रीकेश नाम का युवक एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था | श्रीकेश के परिजन ने बताया कि रात 11 बजे उन्हे फोन आया कि उनके जीजा का एक्सीडेंट हो गया है | तो वो गाड़ी लेकर मरीज को हॉस्पिटल ब्राइट स्टार लेकर पहुंचे | जहां अस्पताल स्टाफ ने साफ-साफ कहा कि हमारे यहां सुविधा नहीं है, साईं हॉस्पिटल ले जाओ | साईं हॉस्पिटल के डॉक्टर की टीम तो आ गई लेकिन वहां वेंटिलेंटर नहीं था | फिर थक हार कर श्रीकेश के परिजन उनको सरकारी अस्पताल ले गए | 

Dead' Man Comes Alive During Funeral, Asks For Water, Dies Minutes Later

विवेकानंद पहुंचने पर वहां इमरजेंसी में डॉक्टर साहब मौजूद थे | उन्होंने चेकअप भी किया और मशीन लगाकर बोले | मरीज की न तो पल्स है, न बीपी है | फिर डॉक्टर साहब ने मरीज को मृत घोषित कर दिया | जिसके बाद जिला अस्पताल मे भी मरीज को ले जाया गया | पूरा मामला भी डॉक्टर को बताया गया | तो फिर डॉक्टर ने शव को मोर्चुरी में रखवा दिया | पूरी रात मृतक युवक का शव | मोर्चरी में पड़ा रहा | उधर परिजनों को जानकारी मिलते ही | परिवार में मातम छा गया और सबका रो-रोकर बुरा हाल हो गया | पूरी रात वो शव मोर्चरी में पड़ा रहा | सुबह पोस्टमार्टम की तैयारियां होने लगी | लेकिन सुबह जानकारी मिली, कि उनके घऱ के मृतक सदस्य में फिर से जान आ गई है | वो जिंदा हो गया है | जिसको-जिसको इस खबर का पता चला | तो कोई इसको भगवान का करिश्मा, तो कोई परिजनों की प्रार्थना का फल कहने लगा | इस खबर से परिजन एक तरफ खुश तो दूसरी तरफ हैरान भी थे | क्योंकि जिला अस्पताल से पहले कई अस्पतालों और डॉक्टरो ने भी मरीज को मृतक बता दिया था | 

The Lazarus phenomenon: When the 'dead' come back to life

जब इस पूरे मामले की जानकारी जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर शिव सिंह से ली गई तो उन्होंने बताया कि श्रीकेश नाम के एक व्यक्ति को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था और उस समय ड्यूटी कर रहे डॉक्टर मनोज यादव के पूरा चेकअप करने के बाद ही उसको मृत घोषित कर दिया गया था | और शव मॉर्चुरी में भिजवा दिया गया और पुलिस को भी सूचना दे दी | जबकपरिवार के लोगों का भी कहना था कि जिला अस्पताल लाने से पहले और कई अस्पतालों में भी श्रीकेश को मृत घोषित कर दिया गया था | 

The Lazarus phenomenon: When the 'dead' come back to life

सीएमएस डॉक्टर शिव सिंह ने कहा कि ऐसे मामले बहुत रेयर होते हैं | जब कभी-कभी व्यक्ति को चोट लगती है और उसको दवाइयां दी जाती है | तो उनका असर बहुत देर बाद देखने को मिलता है | उस समय ऐसा महसूस होता है कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है | इस केस में भी यही हुआ है और दवाइयों का असर बहुत देर के बाद हुआ, शायद इसकी वजह से एक बार फिर से उसकी सांस चलने लगी है | अब इसको चमत्कार कहेगें या लापरवाही ये तो अस्पताल के डॉक्टर ही जाने | लेकिन वाकई अगर ये चमत्कार है तो अनकही, अनसुनी और अद्भुत घटना से कम नही है लेकिन ये लापरवाही है तो इसकी जांच जरुरी है | 
 


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