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अयोध्या की रामलीला का संतों ने किया विरोध, CM योगी को लिखा पत्र

अयोध्या की रामलीला का संतों ने किया विरोध, CM योगी को लिखा पत्र

Ayodhya News: अयोध्या(Ayodhya) की परंपरागत रामलीला(Ramlila) की व्यवस्था को लेकर राम नगरी के संतों ने नाराजगी जताई है। 


Ayodhya: अयोध्या में होने वाली फिल्मी सितारों से सजी रामलीला (Ramlila) को लेकर अयोध्या में संत समाज विरोध पर उतर आया हैं। इस रामलीला को लेकर रामनगरी के बड़ा भक्तमाल मंदिर में अयोध्या संत समिति ने विरोध में बैठक की। इस बैठक में फिल्मी सितारों के द्वारा आधी-अधूरी और गैर पारंपरिक ढंग से पेश की जा रही रामलीला पर संत समाज के लोग नाराज हैं। 

17 अक्टूबर को गोरखपुर में संत समिति मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दर्ज शिकायत कराएगी। संतों ने मांग किया हैं कि अयोध्या की रामलीला मंडलियों ने विदेशों तक परचम लहराया हैं। आध्यात्मिक धार्मिक परंपरा वाली रामलीला का आयोजन हो। बड़ा भक्तमाल मंदिर में संतो की बैठक खत्म होने के बाद महंत अवधेशदास ने कहा कि फिल्मी हस्तियों की रामलीला के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 17 सितंबर को मुलाकात करेंगे।

बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास ने कहा कि रामलीला हमारी उपासना सेवा में आती है। यदि इसमें किसी तरीके का हास-परिहास होता है तो उसको स्वीकार नहीं करते हैं। फिल्म जगत के लोगों को शास्त्र और अध्यात्म की कितनी जानकारी है यह मैं नहीं जानता। पिछले वर्ष वर्चुअल रामलीला के नाम पर जो अभद्र प्रदर्शन हुआ है उस प्रदर्शन को देखते हुए हम इसका विरोध करते हैं। रामलीला में काम करने वाले कलाकारों का रहन-सहन खानपान कैसा है यह ध्यान में रखा जाता है। 

अवधेश दास हमलावर होते हुए बोले कि- कलाकार शराब व मांस खाने वाले हो उसका होगा तो उसका विरोध होगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि, पिछले वर्ष मुगलिया शेरवानी व नगरीय जुता पहन नारद मंच पर रहे। अयोध्या मर्यादित नगरी यहां अमर्यादित वेशभूषा, अमर्यादित साहित्य की रामलीला नहीं चलेगी, इसका विरोध होगा। अयोध्या में उपासना, साधना, मर्यादा,सनातन की रामलीला चाहिए नाकि फिल्मी हस्तियों की रामलीला,फिल्मी दुनिया के लोग धर्म का सत्यानाश कर रहे। 

वही कथावाचक पवन शास्त्री संत समाज रामलीला का विरोध नही कर रहा हैं, और कहा, अयोध्या राम, रामलीला, रामचरितमानस की भी जन्मभूमि,श्री राम के चरित के बारे में खुद रावण ने कहा कि राम जी का मुखोटा लगा लेने से सारे विश्व की संपदा तुक्ष लगती , वर्चुअल रामलीला होते हुए संदेश एक्चुअल देता। रामलीला का स्वरूप नही बिगड़ना जाए। 

फिल्मी हस्तियों की रामलीला का 3 माह से हो रहा विरोध , 80 प्रतिशत संत विरोध कर रहे , सरकार अगर आराध्य के चरित्र की परिभाषा तैय करे यह उचित नही , संत इसको पसंद नही करेगा। फिल्मी हस्तियों के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी ,सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलना होगा मिलेंगे। राशिकपीठाधिस्वर महंत जनमेजय शरण ने भी फिल्मी हस्तियों की वर्चुअल रामलीला का विरोध किया हैं रामलीला का विरोध नही हैं रामलीला का उपहास का विरोध हैं। राम ने 5 लीला किया हैं। यह लोग चाहते हैं कि जिस तरह से चाहेंगे उस तरीके से रामजी के चरित्र को परिभाषित करेंगे तो यह होने नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि फिल्मी सितारे 6 अक्टूबर से अयोध्या में जुटेंगे। ये लोग रामलीला में विभिन्न पात्रों की भूमिका अदा करेंगे। 

Report by: राघवेंद्र मिश्रा 


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