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शोषित समाज पार्टी पहुंचेगी सत्ता से शिखर तक

शोषित समाज पार्टी पहुंचेगी सत्ता से शिखर तक

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) की तैयारियों के लिए सियासी दल कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। राजनैतिक दल मिशन 2022 फतह करने के लिए क्षेत्रीय सहयोगी दलों के साथ गठबंधन भी कर रहे हैं। इसी क्रम में बीते दिनों लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर प्रदेश में सक्रिय 4 छोटे राजनीतिक दलों ने गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की है और उन्ही में से एक प्रमुख पार्टी है शोषित समाज पार्टी। 

शोषित समाज पार्टी का इतिहास पुराना है, लगातार इस पार्टी ने जनता के बीच जा कर गरीब, पिछडो और शोषित वर्ग के उद्धार के लिए कार्य किया है और आगे भी उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 के विधानसभा में जनता के हित के लिए ही कार्य करेंगे, ये शोषित समाज पार्टी पहले ओम प्रकाश राजभर के भागीदारी संकल्प मोर्चा का हिस्सा हुआ करती थी लेकिन ओमप्रकाश राजभर के सपा के साथ जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल राजभर ने वंचित और पिछडो के उत्थान के लिए एक नए विलकप की तलाश में थे जो की भाजपा के साथ जा कर पूरी हो गयी है। 

 

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल राजभर का कहना है की अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हम राजभर समाज के लिए आरक्षण दिलाने और उन्हें सम्मान दिलाने का काम करेंगे बाबूलाल ये भी कहते है की हम और हमारे पार्टी के सभी नेता क्षेत्र और क्षेत्र की जनता के विकास के लिए कार्य करते आये है और विधायक बनने के बाद हमारी पहली प्राथमिकता यही रहेगी की हम अपने विधानसभा क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास करें।

वही इस पार्टी के पदाधिकारियों में शामिल राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव् डॉ सतेंद्र कुशवाहा और डॉ शास्वत सिंह ने किसान बील के फैसले पर सरकार की तारीफ करते हुए कहा की भाजपा ने हमेशा ही किसानो के हित की बात की है ये बिल किसानो के फायदा का काम करता पर कुछ किसान इसे समझ नहीं पाए इसीलिए सरकार ने इसे वापस ले लिया और अब हमारे किसानो के पास वक़्त है की इस बिल को समझे और अभी अपने खेतों में जाकर देश के लिए कार्य करें जैसे शोषित समाज पार्टी जनता के लिए करती आयी है। 

फ़िलहाल भाजपा और शोषित समाज पार्टी के इस गठबंधन ने अब अपनी ताकत भी विपक्ष को दिखानी शुरू कर दी है और अब आने वाली 4 दिसंबर को एक विशाल रैली बलिया में आयोजित होनी है, बताया जा रहा है की ये रैली अखिलेश और ओम प्रकाश राजभर की मऊ रैली की काट साबित होगा।


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