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Gandhi Jayanti 2021: क्यों मनाते हैं गांधी जयंती? जानिये क्या है इसका महत्व

Gandhi Jayanti 2021: क्यों मनाते हैं गांधी जयंती? जानिये क्या है इसका महत्व

Gandhi Jayanti 2021:  बापू अपने जन्मदिन पर पूरे दिन मौन व्रत किया करते थे। महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और बापू के नाम से भी संबोधित किया जाता है। गांधी जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया था।

देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और लोगों को अहिंसा परमोधर्म का पाठ पढ़ाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। इस साल गांधी जी की 152वीं जयंती मनाई जा रही है। इस दिन के महत्व को देखते हुए पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रखा जाता है।

गांधी जयंती के दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थाओं में प्रार्थना सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। वहीं देश के नेता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

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क्यों मनाई जाती है गांधी जयंती: 15 जून, 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रुप में घोषित किया गया। भारत में गांधी जयंती (Gandhi Jayanti), प्रार्थना सभाओं और राजघाट नई दिल्ली पर विशेष रूप से गांधी प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि देकर राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाई जाती है। 

महात्मा गांधी की समाधि पर राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रार्थना आयोजित की जाती है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इस दिन उनका सबसे पसंदीदा और भक्ति गीत रघुपति राघव राजा राम उनकी स्मृति में गया जाता है। पूरे भारत में इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी आयोजित किया जाता है। 

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कैसे हुआ गांधी जी का निधन: 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने मोहनदास करमचंद गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बता दें कि गोडसे एक हिंदू महासभा के सदस्य थे। उन्होंने महात्मा गांधी पर पाकिस्तान का पक्ष लेने का आरोप लगाया और अहिंसा के सिद्धांत का विरोध किया। 


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