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नोटबंदी की कतार में जन्मे खजांची नाथ ने किया अखिलेश यादव की 'विजय रथ यात्रा' का आगाज़

नोटबंदी की कतार में जन्मे खजांची नाथ ने किया अखिलेश यादव की 'विजय रथ यात्रा' का आगाज़

यूपी चुनाव की तैयारियों में सभी राजनैतिक पार्टियां जुटी हुई हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी प्रचार की शुरुआत एक मासूम बच्चे के हाथों से की, वो बच्चा है खजांची नाथ। दरअसल, अखिलेश यादव ने खजांची नाथ को गोद लिया है और उसका नाम खजांची नाथ अखिलेश यादव ने ही रखा था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और एक हजार के नोटों को बंद करने का फरमान सुनाया था। इसके बाद पूरे देश में हडकंप मचा गया। बैंको के बाहर कई-कई किलो मीटर तक लोगों को लाइन लगानी पड़ी थी। उसी वक्त एक मामला जनपद कानपुर देहात से निकल कर आया था जिसने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थी।

जानें, नोटबंदी के बाद आखिर पुराने नोटों का रिजर्व बैंक ने किया क्या?

कानपुर देहात के अनंतापुर गांव में रहने वाले सर्वेसरी देवी उस वक्त प्रेग्नेंट थी। परिवार में उस वक्त बुजुर्ग सास थी और कुछ ही माह पहले पति की मौत हुई थी। सर्वेसरी देवी डिलीवरी के कराने के लिए बैंक से रुपये निकालने गयी थीं। वो बैंक के बाहर लंबी लाइन में लगी थीं। उसी वक्त उन्हें लेबर पेन हुआ और लाइन में ही उन्होंने बच्चे को जन्म दिया।

तीन साल के इस खजांची की मुरीद है समाजवादी पार्टी, नोटबन्दी से है कनेक्शन -  up ex cm akhilesh yadav demonetisation khajanchi child samajwadi party -  AajTak 

इसके बाद बैंक कर्मचारियों समेत जिला प्रशासन के अधिकारियो में हडकंप मच गया और फ़ौरन ही उन्हें पास के CHC अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बैंक के बाहर लगी लाइन में नोटबंदी की वजह से बच्चे को जन्म देने का यह मामला पुरे देश में गूंजा था। 

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2018 में कन्नौज से शुरू होने वाली साईकिल यात्रा को भी हरी झंडी खजांची नाथ ने ही दिखाई थी, जिसमें अखिलेश यादव स्वयं मौजूद थे। और 2022 के चुनाव के लिए हो रही विजय रथयात्रा को भी खजांची नाथ ने ही हरी झंडी दिखाई। 

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अखिलेश यादव कानपुर के गंगा पुल से रथ में सवार हुए। विजय यात्रा जाजमऊ से शुरू होकर चार जिलों में घूमते हुए कानपुर देहात में समाप्त होगी। दो दिन में यात्रा करीब 190 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

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सपा और प्रसपा रथयात्रा के जरिए भविष्य की सियासत के लिए नया संदेश देंगे। दोनों का मकसद एक है, लेकिन यात्राएं अलग-अलग। इनके जरिए दोनों अपनी ताकत का अहसास कराने के साथ ही जनता की नब्ज टटोलेंगे। दोनों के ही केंद्र में मुलायम सिंह यादव होंगे। यही वजह है कि दोनों खुद को असली समाजवादी साबित करने में जुटे हैं। 

Akhilesh Yadav Starts Vijay Rath Yatra For Up Election 2022. - विजय रथ  यात्रा: यूपी चुनाव के लिए सियासी ताप नापने निकले अखिलेश यादव, जनता की नब्ज  टटोलेंगे - Amar Ujala Hindi News Live

समाजवादी आंदोलन के प्रणेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर प्रदेश में सियासत की नई इबारत लिखी जा रही है। उनके दोनों सियासी अनुयायियों में खुद को असली साबित करने की होड़ है।

उत्तर प्रदेश को धोखा मिला है
अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर में उद्योग धंधा ठप है। योगी सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। इधर,अखिलेश के स्वागत के लिए कार्यकर्ताओ की भीड़ कानपुर शहर में उमर पड़ी है। अखिलेश केस स्वागत के शहर को पूरी होर्डिगों से पाट दिया है। इससे पहले सोमवार को अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लिया था। 

With Baba Saheb Vahini, Akhilesh's Dalit outreach gains pace ahead of 2022  elections | Cities News,The Indian Express

बताया जा रहा है कि विजय रथ यात्रा (Vijay Rath Yatra) के जरिये गंगा-जमुनी तहजीब को सामने लाया जाएगा। यात्रा कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन और हमीरपुर में रहेगी। यह यात्रा पूरे यूपी में अलग-अलग जगहों पर जाएगी। 

Nitin Kumar

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