उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक बिसात बिछने लगी है, जिसमें पश्चिम यूपी की हॉट सीट 'किठौर' पर सभी की नजरें टिकी हैं
मेरठ जिले के पूर्वी-दक्षिणी हिस्से में स्थित यह कृषि-प्रधान इलाका अपने अनूठे सामाजिक ताने-बाने और बेहद कांटे की टक्कर के लिए मशहूर है
किठौर सीट पर कुल 3.65 से 3.70 लाख अनुमानित मतदाता हैं, जहां औसतन 67% से 70% तक भारी मतदान होता है
क्षेत्र में लगभग 35% मुस्लिम मतदाता सपा का मुख्य आधार हैं, जबकि 70 हजार से अधिक दलित वोट बैंक किंगमेकर की भूमिका निभाता है
वर्ष 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के शाहिद मंजूर ने 73,015 वोट हासिल कर बसपा के लखीराम नागर को 11,106 वोटों से हराया था
2017 की लहर में भाजपा के सत्यवीर त्यागी ने 90,622 वोट पाकर सपा के शाहिद मंजूर को 10,822 वोटों से शिकस्त दी थी
2022 में सपा के शाहिद मंजूर (1,07,104 वोट) ने भाजपा के सत्यवीर त्यागी (1,04,924 वोट) को मात्र 2,180 वोटों (0.9%) के अंतर से हराया
किठौर को तहसील का दर्जा, फल-सब्जी मंडी का निर्माण, बदहाल आईटीआई (ITI) भवन और मेरठ-गढ़मुक्तेश्वर मार्ग का अटका निर्माण प्रमुख मुद्दे हैं
किठौर की जनता का झुकाव उसी दल की तरफ होगा जो स्थानीय विकास, तहसील निर्माण और युवाओं के रोजगार का ठोस रोडमैप पेश करेगा