उत्तर प्रदेश की राजनीति में माना जाता है कि हस्तिनापुर से जिस दल का विधायक जीतता है, राज्य में उसी पार्टी की सरकार बनती है

हस्तिनापुर (SC आरक्षित) सीट पर अनुसूचित जाति के अलावा मुस्लिम (20-22%), गुर्जर (18-20%), और जाट (12-14%) वोट बेहद निर्णायक हैं

महाभारत कालीन कुरु राज्य की राजधानी और जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल होने के कारण यह क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है

पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दिनेश खटीक ने सपा के योगेश वर्मा को 1,07,587 वोट हासिल कर बेहद करीबी अंतर से हराया था

वर्तमान विधायक और राज्य मंत्री दिनेश खटीक 2027 के चुनाव में बीजेपी की ओर से लगातार तीसरी जीत दर्ज करने के लिए सबसे मजबूत दावेदार हैं

समाजवादी पार्टी की तरफ से पूर्व विधायक योगेश वर्मा और प्रभुदयाल वाल्मीकि जैसे बड़े चेहरे 2027 के चुनाव में सपा का परचम लहराने की होड़ में हैं

गंगा नदी के तटीय खादर क्षेत्र में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ और तटबंध की मांग यहाँ का सबसे बड़ा स्थानीय मुद्दा है

डबल इंजन सरकार होने के बावजूद हस्तिनापुर को अब तक मेरठ-बिजनौर रेल नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सका है

क्षेत्र में सरकारी डिग्री कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के न होने से युवाओं को 40-50 किमी दूर मेरठ या मवाना जाना पड़ता है

पश्चिमी यूपी के गन्ना किसानों के लिए मवाना चीनी मिल से समय पर भुगतान और छुट्टा पशुओं की समस्या आगामी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगी