उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर 2027 के चुनाव को लेकर बाह सीट का राजनीतिक तापमान फिर बढ़ने लगा है

2017 और 2022 के लगातार दो चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने बाह सीट पर अपना परचम लहराया है

वर्तमान विधायक रानी पक्षालिका सिंह और पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह का स्थानीय राजनीति में गहरा प्रभाव है

समाजवादी पार्टी अपनी PDA रणनीति (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के दम पर बाह में बीजेपी के किले को भेदने की तैयारी में है

पिछले चुनावों में उपविजेता रहे मधुसूदन शर्मा और सपा के नए/पुराने चेहरों की दावेदारी पर सबकी नजरें टिकी हैं

बहुजन समाज पार्टी अपने कैडर और पारंपरिक दलित वोट बैंक को वापस साधने के लिए रणनीति बना रही है

यमुना-चंबल के बीहड़ी गांवों में बारिश के दौरान कच्चे रास्तों की वजह से आवागमन आज भी एक बड़ी चुनौती है

क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की कमी और युवाओं के पलायन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि 'बटेश्वर' के पर्यटन विकास और ग्रामीण मुद्दों का संतुलन चुनावी दिशा तय करेगा