ताजनगरी की इस हाई-प्रोफाइल सीट को उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'वैश्य राजधानी' के रूप में जाना जाता है
साल 1989 के बाद से इस विधानसभा सीट पर लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एकछत्र प्रभाव और दबदबा रहा है
इस सीट पर वैश्य समुदाय के मतदाता सबसे प्रभावी और निर्णायक भूमिका निभाते हैं (कुल आबादी का लगभग 35% से 40%)
इस सीट पर वैश्य समुदाय के मतदाता सबसे प्रभावी और निर्णायक भूमिका निभाते हैं (कुल आबादी का लगभग 35% से 40%)
यह निर्वाचन क्षेत्र पूरी तरह से शहरी है, जिसमें लोहामंडी, शाहगंज, सेंट जॉन्स और आवास विकास जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने 1.12 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी
समाजवादी पार्टी (SP) और अन्य दल PDA फॉर्मूले और स्थानीय नाराजगी को भुनाकर इस सीट पर सेंध लगाने की फिराक में हैं
क्या भाजपा अपना पुराना वर्चस्व बरकरार रखेगी या विपक्षी दल बाजी पलटेंगे, यह जमीनी समस्याओं के समाधान पर निर्भर करेगा