सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या इस बार शिवपाल यादव अपनी यह पारंपरिक सीट परिवार की अगली पीढ़ी को सौंपेंगे?
इस पारंपरिक समाजवादी गढ़ में सेंध लगाने के लिए बीजेपी के सामने मजबूत संगठन और किसी बड़े चेहरे को उतारने की चुनौती है
जसवंतनगर में यादव मतदाताओं के अलावा शाक्य और अन्य गैर-यादव ओबीसी मतदाता चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं