इटावा की यह सीट उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक है, जहां दशकों से सैफई परिवार का गहरा प्रभाव रहा है

साल 1967 में मुलायम सिंह यादव ने यहीं से अपनी विधानसभा राजनीति की शुरुआत की थी

1996 से लगातार शिवपाल सिंह यादव इस सीट से भारी मतों से जीतते आ रहे हैं और उनका व्यक्तिगत संगठन बेहद मजबूत है

पिछले विधानसभा चुनाव में शिवपाल यादव ने बीजेपी के विवेक शाक्य को 90,970 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था

जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र मैनपुरी लोकसभा का हिस्सा है, जहां 2024 में भी सपा को यहाँ से करीब 88 हजार वोटों की बड़ी बढ़त मिली थी

सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या इस बार शिवपाल यादव अपनी यह पारंपरिक सीट परिवार की अगली पीढ़ी को सौंपेंगे?

इस पारंपरिक समाजवादी गढ़ में सेंध लगाने के लिए बीजेपी के सामने मजबूत संगठन और किसी बड़े चेहरे को उतारने की चुनौती है

जसवंतनगर में यादव मतदाताओं के अलावा शाक्य और अन्य गैर-यादव ओबीसी मतदाता चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं

2027 का चुनाव यह तय करेगा कि क्या बीजेपी यहां कोई नया राजनीतिक मॉडल खड़ा कर पाती है या सपा अपना पुराना वर्चस्व कायम रखती है