सरकार की नजर में WhatsApp का नया फीचर

यूजरनेम की मदद से मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी बातचीत की जा सकेगी।

इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर नकली पहचान बनाना आसान हो सकता है।

ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

कोई व्यक्ति बैंक, सरकारी विभाग या किसी प्रसिद्ध नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बना सकता है।

वास्तविक पहचान छिपने से सुरक्षा और भरोसे से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं।

जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों तक पहुंचना और उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

फिशिंग, डिजिटल स्कैम और पहचान की धोखाधड़ी जैसे मामलों में इजाफा हो सकता है।

इन्हीं संभावित जोखिमों को देखते हुए सरकार ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है।

व्हिस्की का असली स्वाद कैसे लें?