260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 24 अक्टूबर को 2,387.60 करोड़ रूपये की लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का धार जिले के सरदारपुर स्थित खेल परिसर में लोकार्पण करेंगे। 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित परियोजना से धार एवं झाबुआ जिले के कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसमें धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि तथा झाबुआ जिले की विभिन्न तहसीलों के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इससे संबंधित क्षेत्रों के कृषकों को सिंचाई के लिए जल

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Published On :

अक्टूबर 23, 2026

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भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 24 अक्टूबर को 2,387.60 करोड़ रूपये की लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का धार जिले के सरदारपुर स्थित खेल परिसर में लोकार्पण करेंगे।

260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
परियोजना से धार एवं झाबुआ जिले के कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसमें धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि तथा झाबुआ जिले की विभिन्न तहसीलों के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इससे संबंधित क्षेत्रों के कृषकों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने के अवसर विकसित होंगे।

झाबुआ जिले में झाबुआ तहसील के 108 गांवों की 17,802 हेक्टेयर, पेटलावद तहसील के 6 गांवों की 1,502 हेक्टेयर, मेघनगर तहसील के 28 गांवों की 5,504 हेक्टेयर, थांदला तहसील के 39 गांवों की 5,927 हेक्टेयर, रामा तहसील के 12 गांवों की 1,185 हेक्टेयर तथा राणापुर तहसील के एक गांव की 80 हेक्टेयर भूमि को परियोजना से लाभान्वित किया जाएगा।

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आधुनिक तकनीक से मिलेगी दबावयुक्त जल की सुविधा
परियोजना की प्रमुख विशेषता भूमिगत पाइप नहर प्रणाली है। इसके माध्यम से 2.5 हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबावयुक्त जल उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था से कृषक ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति के माध्यम से सिंचाई कर सकेंगे। आधुनिक तकनीक आधारित इस प्रणाली से खेतों में पानी पहुंचाने की सुविधा विकसित होगी। साथ ही, पारंपरिक सिंचाई व्यवस्था की तुलना में जल का अधिक उपयोगी तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। इस पद्धति से सिंचाई के लिए खेतों को समतल करने की आवश्यकता भी नहीं होगी।

नर्मदा नदी से किया जाएगा जल का उद्वहन
परियोजना के अंतर्गत धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम चंदनखेड़ी में नर्मदा नदी से 186.62 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) जल का उद्वहन प्रस्तावित है। योजना के संचालन के लिए 102.30 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता निर्धारित की गई है। परियोजना से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से कृषकों को कृषि कार्यों के लिए जल उपलब्धता में सहयोग मिलेगा।