370 Biryani Controversy: कॉमेडियन प्रणित मोरे की बढ़ीं मुश्किलें, ‘370 बिरयानी’ विवाद पहुंचा पुलिस तक

महाराष्ट्र साइबर सेल की एफआईआर के अनुसार, स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे पर आरोप है कि उन्होंने अपने शो के दौरान महिलाओं की गरिमा, शारीरिक सहमति (कंसेंट) और शवों का अपमान करने वाले अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो को जानबूझकर प्रमोट किया।

370 Biryani Controversy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 12, 2026

370 Biryani Controversy: महाराष्ट्र की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी (महाराष्ट्र साइबर सेल) ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार समेत कई लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की है। यह मामला मुंबई स्थित नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। साइबर सेल की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को जांच के दौरान यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे वीडियो मिले थे, जिनमें महिलाओं की गरिमा, शारीरिक सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों (शवों) को लेकर बेहद आपत्तिजनक और सामाजिक शालीनता के खिलाफ टिप्पणियां की गई थीं।

यह पूरा विवाद प्रणित मोरे द्वारा आयोजित और होस्ट किए गए एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान रिकॉर्ड की गई वीडियो क्लिपिंग्स से जुड़ा है, जिन्हें बाद में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रमोट किया गया।

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पैसों के बदले शारीरिक संबंध और शवों पर टिप्पणी

महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा की गई प्राथमिक जांच में दो मुख्य वीडियो क्लिप्स सामने आई हैं, जिन्हें लेकर समाज और कानून व्यवस्था में भारी नाराजगी है, पहली वीडियो क्लिप में आरोपी हिमांशु जांगरा ने कथित तौर पर एक डेटिंग कल्चर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर कोई पुरुष किसी महिला के साथ डेट पर पैसे खर्च करता है, तो उसे बदले में शारीरिक संबंध (Physical Relation) बनाने का अधिकार मिल जाता है। पुलिस का कहना है कि यह टिप्पणी महिलाओं को एक वस्तु के रूप में प्रस्तुत करती है और उनकी गरिमा व सहमति जैसे गंभीर विषयों का मजाक उड़ाती है।

दूसरी क्लिप में आरोपी डॉ. सेजल पवार द्वारा मेडिकल शिक्षा के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले शवों (Cadavers) और मृत पुरुषों के शरीरों को लेकर बेहद अश्लील और अपमानजनक बातें कही गई थीं। साइबर सेल के मुताबिक, ऐसी टिप्पणियां सार्वजनिक शालीनता के तय मानकों का उल्लंघन करती हैं और मृत व्यक्तियों के अधिकारों व सम्मान के खिलाफ हैं।

भारी-भरकम कानूनी धाराओं में केस दर्ज

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और आईटी एक्ट के तहत चौतरफा शिकंजा कसा है। एफआईआर में मुख्य रूप से इन धाराओं को शामिल किया गया है:

BNS 2023 की धाराएं: 75(1)(iv) और 75(3) (महिलाओं का यौन उत्पीड़न व अश्लील सामग्री दिखाना), 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य), और 353(2) (सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश)।

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम 2000: धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना)।

साइबर सेल ने मुख्य आरोपी प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार को आधिकारिक समन जारी कर तुरंत पुलिस के सामने पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

‘व्यूज और मोनेटाइजेशन’ के चक्कर में पार की हदें

जांच एजेंसी ने अपने बयान में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि इस आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट को केवल ‘कॉमेडी’ के नाम पर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति के तहत प्रमोट किया गया। आरोपियों ने अधिक से अधिक व्यूअरशिप हासिल करने, दर्शकों को ऑनलाइन जोड़े रखने और अंततः डिजिटल मोनेटाइजेशन के जरिए मोटी कमाई (आर्थिक लाभ) करने के उद्देश्य से इन विवादित वीडियो को जानबूझकर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर पब्लिश किया।

महाराष्ट्र साइबर सेल ने इस कार्रवाई के साथ ही सभी कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम यूजर्स से अपील की है कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कुछ भी पोस्ट करते समय देश के कानून और सामाजिक जिम्मेदारी का पूरा ध्यान रखें। पुलिस ने आम नागरिकों को भी चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी अश्लील या आपत्तिजनक वीडियो को फॉरवर्ड, शेयर या लाइक न करें, अन्यथा ऐसा करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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