UP News:162 टायर, भारी टरबाइन और परमिट का पेंच, एक्सप्रेस-वे पर क्यों रुका ट्रक?

UP News: हरिद्वार से न्यूक्लियर पावर प्लांट की टरबाइन लेकर रोहतक जा रहे एक विशाल ट्रक को शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के मवीकलां टोल बूथ के पास रोक दिया गया। ट्रक में भारी-भरकम लोहे की टरबाइन लदी हुई थी। एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक परमिट नहीं होने के कारण टोल प्रबंधन ने आगे जाने की अनुमति नहीं दी। ट्रक के रुकने के बाद उसके साथ चल रहे स्टाफ के सदस्य अधिकारियों से बातचीत करने में जुट गए। देर रात तक परमिट और जरूरी कागजात को लेकर चर्चा चलती रही। इस दौरान ट्रक एक्सप्रेस-वे के

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

UP News: हरिद्वार से न्यूक्लियर पावर प्लांट की टरबाइन लेकर रोहतक जा रहे एक विशाल ट्रक को शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के मवीकलां टोल बूथ के पास रोक दिया गया। ट्रक में भारी-भरकम लोहे की टरबाइन लदी हुई थी। एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक परमिट नहीं होने के कारण टोल प्रबंधन ने आगे जाने की अनुमति नहीं दी। ट्रक के रुकने के बाद उसके साथ चल रहे स्टाफ के सदस्य अधिकारियों से बातचीत करने में जुट गए। देर रात तक परमिट और जरूरी कागजात को लेकर चर्चा चलती रही। इस दौरान ट्रक एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़ा रहा, जिससे वहां से गुजरने वाले दूसरे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।

हरिद्वार से रोहतक जा रही न्यूक्लियर टरबाइन रास्ते में फंसी

हरिद्वार से रोहतक जा रही न्यूक्लियर टरबाइन रास्ते में फंसी

मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर टरबाइन से लदा विशाल ट्रक दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से होते हुए मवीकलां पहुंचा। यहां से चालक ट्रक को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के टोल बूथ की ओर ले गया। लेकिन टोल पर पहुंचते ही एनएचएआई की निर्धारित गाइडलाइन के तहत परमिट की जांच की गई और जरूरी अनुमति नहीं होने पर वाहन को रोक दिया गया। यह ट्रक सामान्य मालवाहक वाहनों से काफी अलग है। टरबाइन का भारी वजन और वाहन का विशाल आकार होने के कारण इसकी रफ्तार बेहद कम रहती है। इसी वजह से हरिद्वार से मवीकलां तक का सफर तय करने में ट्रक को करीब दो दिन लगे।

ट्रक में 162 टायर, टरबाइन के साथ चल रहा 15 लोगों का स्टाफ

ट्रक चालक राजपाल सिंह ने बताया कि वह दो दिन पहले हरिद्वार से न्यूक्लियर पावर प्लांट की टरबाइन लेकर रोहतक के लिए रवाना हुए थे। लगातार सफर करने के बावजूद भारी वाहन की कम गति के कारण उन्हें मवीकलां तक पहुंचने में दो दिन लग गए। यहां पहुंचने के बाद परमिट नहीं होने की वजह से ट्रक को रोक दिया गया। विशाल ट्रक में कुल 162 टायर लगे हुए हैं। टरबाइन को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इसके साथ 15 लोगों का स्टाफ भी चल रहा है। ट्रक रुकने के बाद स्टाफ के सदस्यों ने सड़क किनारे ही इंतजार किया और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आगे की अनुमति हासिल करने की कोशिश की।

NHAI की गाइडलाइन के तहत रोका गया टरबाइन से लदा ट्रक

मवीकलां टोल प्रबंधक शोएब खान के मुताबिक, एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक परमिट नहीं होने के कारण टरबाइन से लदे ट्रक को रोका गया है। ट्रक के साथ मौजूद लोगों को जरूरी कागजात पूरे कराने के लिए कहा गया है। निर्धारित अनुमति और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की आवाजाही को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भारी-भरकम टरबाइन जैसे बड़े उपकरणों को सड़क मार्ग से ले जाने के दौरान संबंधित नियमों और अनुमति का पालन जरूरी होता है। ऐसे वाहनों की आवाजाही के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होने पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

एक्सप्रेस-वे किनारे खड़े ट्रक से दूसरे वाहन चालकों को परेशानी

परमिट की समस्या के चलते ट्रक देर रात तक एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़ा रहा। विशाल वाहन के वहां रुकने से अन्य वाहन चालकों को आवाजाही के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, ट्रक के साथ मौजूद स्टाफ के लोग अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने में लगे रहे। फिलहाल, ट्रक को आगे ले जाने के लिए जरूरी कागजात और परमिट की प्रक्रिया पूरी करना अहम है। इसके बाद ही हरिद्वार से रोहतक जा रही न्यूक्लियर पावर प्लांट की टरबाइन अपने गंतव्य तक पहुंच सकेगी।