पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित

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Published On :

जनवरी 20, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है।

आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।

60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर
अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार
इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एंटी ड्रग हेल्पलाइन
नंबर: 93946 93946
24×7 सक्रिय
डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी

  •  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा
  • ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम
  • एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत
  • पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम
  • डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति
  •  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम
  • एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को
  • संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम
  • पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये
  •     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

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